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जानकीचट्टी से यमुनोत्री धाम के बीच छह किलोमीटर हिस्से में यमुना नदी ने दिखाया रौद्र रूप

बड़कोट। उत्तराखंड में बारिश आफत बनकर बरस रही है। यमुना नदी के उदगम में अतिवृष्टि के कारण यमुनोत्री धाम में मंदिर परिसर को भारी नुक़सान हुआ है। मंदिर समिति के कार्यालय, रसोई आदि को भी नुकसान हुआ।

पुरोहित महासभा अध्यक्ष पुरुषोत्तम उनियाल ने बताया कि जनहानि नहीं लेकिन परिसंपित्तयों को नुकसान पहुंचा है। बताया कि यमुना नदी के मुहाने पर एकत्रित मलबा बोल्डर पत्थरों की वजह से मंदिर परिसर को अधिक नुकसान हुआ है।

जानकीचट्टी यमुनोत्री पैदल मार्ग पर राममंदिर के निकट रजिस्ट्रेशन केंद्र भी क्षतिग्रस्त हो गया है। इसके अलावा यमुनोत्री हाईवे ओजरी डाबरकोट बंद होने से बड़कोट से सरकारी अमला अभी यमुनोत्री धाम नहीं पहुंच पाया। एसडीएम मुकेश चन्द्र रमोला ने कहा कि जनहानि नहीं हुई है लेकिन नुकसान काफी हुआ है। ओजरी डाबरकोट मार्ग खुलने के साथ ही नुकसान का जायजा लिया जाएगा।

तहसीलदार को राजस्व टीम के साथ भेज दिया गया है। जानकीचट्टी यमुनोत्री के बीच रातभर अफरा- तफरी मची रही।

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