मध्यप्रदेश : उमरिया जिले के प्रसिद्ध बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में विश्व हाथी दिवस के अवसर पर विशेष जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। ताला परिक्षेत्र में हुए कार्यक्रम में वन विभाग और टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने हाथियों के संरक्षण, उनके प्राकृतिक आवास की सुरक्षा और मानव-हाथी संघर्ष को कम करने का संदेश दिया। कार्यक्रम में स्थानीय लोगों के साथ स्कूली बच्चे और पर्यटक भी शामिल हुए।
वन विभाग का उद्देश्य मानव और हाथियों के बीच होने वाले संभावित संघर्ष को कम करना है। इसके लिए ग्रामीणों को हाथियों के व्यवहार और उनकी मौजूदगी के संकेतों की जानकारी दी जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जागरूकता और सतर्कता के जरिए मानव और वन्यजीवों के बीच बेहतर सह-अस्तित्व कायम किया जा सकता है।
टाइगर रिजर्व प्रबंधन के अनुसार, प्रशिक्षित पालतू हाथियों की भूमिका केवल पर्यटकों के आकर्षण तक सीमित नहीं है। जंगल के घने और दुर्गम क्षेत्रों में वन्यजीवों की निगरानी, ट्रैकिंग और रेस्क्यू ऑपरेशन में इनकी महत्वपूर्ण भूमिका रहती है। विशेष परिस्थितियों में बाघ और तेंदुए जैसे वन्यजीवों की गतिविधियों पर नजर रखने तथा उनके रेस्क्यू अभियान में हाथियों की मदद ली जाती है। घने जंगलों और कठिन भौगोलिक परिस्थितियों में हाथियों के जरिए वन अमले को ऐसे क्षेत्रों तक पहुंचने में मदद मिलती है, जहां सामान्य वाहनों से पहुंचना मुश्किल होता है। यही वजह है कि बांधवगढ़ में प्रशिक्षित हाथियों को वन्यजीव प्रबंधन और संरक्षण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जाता है।


