इंदौर : इंदौर के इस्कॉन मंदिर में श्री बलराम पूर्णिमा का पावन महोत्सव श्रद्धा और भक्ति के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मंदिर को भव्य फूलों से सजाया गया है और तड़के मंगल आरती, दिव्य श्रृंगार दर्शन आयोजित किए गए।

इंदौर के इस्कॉन मंदिर में शुक्रवार को श्री बलराम पूर्णिमा का पावन पर्व अपार श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। भगवान बलराम के प्राकट्य दिवस के अवसर पर पूरे मंदिर परिसर को दिव्य और आकर्षक फूलों से भव्य रूप से सजाया गया। सुबह से ही धार्मिक अनुष्ठानों की शुरुआत हो गई जिसमें शहर भर से आए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लेकर पुण्य लाभ कमाया। 

महोत्सव का शुभारंभ तड़के 4:30 बजे विशेष मंगल आरती के साथ हुआ। इसके बाद श्रद्धालुओं को श्री श्री राधा गोविंद देव जी के अति सुंदर दर्शन प्राप्त हुए। सुबह 7:20 बजे भगवान का विशेष श्रृंगार दर्शन आयोजित किया गया, जिसने सभी का मन मोह लिया। दर्शन के उपरांत एचजी महामन महाराज ने आध्यात्मिक प्रवचन प्रस्तुत किया। अपने संबोधन में उन्होंने उपस्थित भक्तों को श्री बलराम पूर्णिमा के गूढ़ आध्यात्मिक महत्व से अवगत कराया और बताया कि भगवान बलराम की कृपा से जीवन में किस प्रकार दिव्य परिवर्तन संभव है।

वैष्णव परंपरा के अनुसार भगवान श्री बलराम को आदि गुरु के रूप में पूजनीय माना जाता है। धार्मिक मान्यताओं के तहत भगवान बलराम अपने भक्तों के जीवन में आने वाली सभी बाधाओं, कष्टों और अनर्थों का निवारण करते हैं। वे श्रद्धालुओं को भगवान श्रीकृष्ण के श्रीचरणों में अटूट भक्ति और अपना मन पूरी तरह से समर्पित करने की आत्मिक शक्ति प्रदान करते हैं। इसी विशेष भाव को ध्यान में रखते हुए उत्सव के दौरान भगवान बलराम का महाअभिषेक संपन्न किया गया, जिसके पश्चात सभी भक्तों के बीच महाप्रसाद का वितरण हुआ।

इस पावन अवसर पर इस्कॉन इंदौर में बीते कई दिनों से संचालित हो रही झूलन यात्रा का भी औपचारिक समापन हुआ। एक ही दिन भगवान बलराम का प्राकट्य दिवस और झूलन यात्रा का समापन होने के कारण मंदिर परिसर में पूरे दिन एक विशेष उत्सव और हर्षोल्लास का वातावरण बना हुआ है।