हरियाणा : हरियाणा में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं को डेयरी संचालन के लिए पंचायतों में 500 गज तक जमीन मिलेगी। राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन में पंजीकृत स्वयं सहायता समूहों को 5 वर्ष के लिए पंचायती जमीन मिल सकेगी। राज्य में पंचायती जमीन पर पट्टा देने के लिए सभी जिलों में तीन-तीन सदस्यीय समितियों का गठन कर दिया है।
पंचायतों में स्वयं सहायता समूह या स्वयं सहायता समूहों की सहकारी समितियां ग्राम पंचायत या जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी या खंड विकास पंचायत अधिकारी के पास आवंटन पाने के लिए आवेदन करना होगा। एक से अधिक आवेदन प्राप्त होने पर सरपंच की अध्यक्षता वाली 6 सदस्यीय समिति लॉटरी से निर्णय करेगी।
पंचायती जमीन पाने के लिए ग्राम पंचायत एक तिहाई और ग्राम सभा में 1/10 सदस्यों या 300 सदस्यों (जो भी कम हो) के बहुमत से पारित प्रस्ताव पास कराना अनिवार्य होगा। यह प्रस्ताव खंड विकास अधिकारी डीडीपी को भेजेंगे। जिन्हें पट्टा आवंटित किया जाएगा उन्हें न्यूनतम प्रति वर्ष 1000 प्रति 100 वर्ग के लिए शुल्क जमा कराना होगा। पंचायतों में न्यूनतम 10 पशुओं के लिए 350 गज जमीन पर पट्टा मिल सकेगा। अधिकतम कितने भी पशु रखे जा सकेंगे। जो भी पट्टा मिलेगा वह 5 या अधिकतम 8 वर्ष बाद वापस करनी होगी। पंचायत किसी गड़बड़ी पर बीच में भी पट्टा रद्द कर सकेंगी।


