Breaking News
हिमालय कॉलिंग 2025’ का देहरादून में शुभारंभ, राज्यपाल ने कहा – “हिमालय की रक्षा में ही मानवता का कल्याण
हिमालय बचाओ अभियान-2025- सीएम धामी ने पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वालों को किया सम्मानित
शिक्षा विभाग में 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर होगी शीघ्र भर्ती
क्या फेफड़ों की बीमारी का असर आंखों पर भी पड़ता है, आइये जानते हैं क्या कहते है स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भारतीय फुटबॉल टीम ने रचा इतिहास, पहली बार ओमान को हराया
केदारनाथ हेली सेवा हुई महंगी, इतना प्रतिशत बढ़ा किराया
बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला ‘बागी 4’ का जादू, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रुपये
सीबीएसई ने 10वीं-12वीं के प्राइवेट छात्रों के लिए शुरू किया पंजीकरण
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक उत्तराखंड में लगेगा स्वास्थ्य का महाकुंभ

आपदा के बीच परंपरा कायम, दयारा बुग्याल में 20 दिन बाद मनाया गया अंडुड़ी मेला

उत्तरकाशी: दयारा बुग्याल में इस वर्ष पारंपरिक अंडुड़ी मेला (बटर फेस्टिवल) धराली आपदा के कारण तय तिथि से 20 दिन बाद आयोजित किया गया। रैथल और आसपास के ग्रामीणों ने परंपरा निभाते हुए दूध-दही, मक्खन की होली खेली और राधा-कृष्ण बने पात्रों ने दही की हांडी फोड़कर उत्सव का शुभारंभ किया।

परंपरा से जुड़ा पर्व

आमतौर पर दयारा पर्यटन समिति और ग्रामीण हर साल भाद्रपद संक्रांति के दिन यह मेला मनाते हैं। सावन में बुग्यालों में मवेशियों के साथ रहने वाले लोग दूध-दही और मक्खन एकत्र करते हैं, जिन्हें बाद में देवताओं और वनदेवियों को भोग स्वरूप अर्पित किया जाता है। इस बार आपदा के कारण केवल गांव के लोगों ने ही सीमित रूप से यह पर्व मनाया।

उत्सव और श्रद्धांजलि

शनिवार को आयोजित मेले में ढोल-दमाऊं की थाप पर ग्रामीणों ने रासो-तांदी किया और क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। समिति अध्यक्ष मनोज राणा और सदस्य पृथ्वीराज राणा ने बताया कि आयोजन से पहले शुक्रवार शाम धराली आपदा में मारे गए लोगों की आत्मा की शांति के लिए श्रद्धांजलि सभा रखी गई।

सांस्कृतिक संध्या का आयोजन

मेले के समापन पर रैथल में सांस्कृतिक संध्या आयोजित हुई, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने पारंपरिक प्रस्तुतियों से माहौल को भक्तिमय और सांस्कृतिक रंगों से सराबोर कर दिया।

Back To Top