Breaking News
हिमालय कॉलिंग 2025’ का देहरादून में शुभारंभ, राज्यपाल ने कहा – “हिमालय की रक्षा में ही मानवता का कल्याण
हिमालय बचाओ अभियान-2025- सीएम धामी ने पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वालों को किया सम्मानित
शिक्षा विभाग में 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर होगी शीघ्र भर्ती
क्या फेफड़ों की बीमारी का असर आंखों पर भी पड़ता है, आइये जानते हैं क्या कहते है स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भारतीय फुटबॉल टीम ने रचा इतिहास, पहली बार ओमान को हराया
केदारनाथ हेली सेवा हुई महंगी, इतना प्रतिशत बढ़ा किराया
बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला ‘बागी 4’ का जादू, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रुपये
सीबीएसई ने 10वीं-12वीं के प्राइवेट छात्रों के लिए शुरू किया पंजीकरण
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक उत्तराखंड में लगेगा स्वास्थ्य का महाकुंभ

पुरी रथ यात्रा के तीन पहिए अब संसद परिसर में होंगे स्थापित

नई दिल्ली: विश्वप्रसिद्ध पुरी रथ यात्रा के रथों के तीन पहिए अब संसद परिसर में स्थापित किए जाएंगे। श्री जगन्नाथ मंदिर प्रशासन (एसजेटीए) ने बताया कि यह प्रस्ताव लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला के सामने पुरी यात्रा के दौरान रखा गया था, जिसे उन्होंने स्वीकार कर लिया।

एसजेटीए के प्रमुख प्रशासक अरविंद के मुताबिक, तीनों पहिए भगवान जगन्नाथ, देवी सुभद्रा और भगवान बलभद्र के रथों से निकाले जाएंगे। भगवान जगन्नाथ के रथ का नाम नंदीघोष, देवी सुभद्रा का रथ दर्पदलन और भगवान बलभद्र का रथ तालध्वज है। इन रथों से प्रत्येक रथ का एक पहिया दिल्ली भेजा जाएगा, जो संसद में स्थापित किया जाएगा।

संसद में संस्कृति का दूसरा प्रतीक

दो साल पहले 2023 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोकसभा में स्पीकर की कुर्सी के बगल में सेंगोल स्थापित किया था। रथ यात्रा के पहिए लगाने के बाद यह संसद परिसर में स्थापित होने वाला संस्कृति से जुड़ा दूसरा प्रतीक होगा।

सेंगोल को अंग्रेजों ने 14 अगस्त 1947 की रात पंडित नेहरू को सत्ता हस्तांतरण के प्रतीक के रूप में सौंपा था। 1960 से पहले इसे आनंद भवन में रखा गया था और 1978 से यह इलाहाबाद म्यूजियम में रखा गया।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top