जमुई। अल्पवयस्क उत्पीड़न और हमला केस में मुख्य संदिग्ध नंदन यादव को मंगलवार को पुलिस मुठभेड़ के दौरान गोली लगी। घायल पैर को तुरंत इलाज के लिये जमुई सदर अस्पताल ले जाया गया, जहाँ वह अब भर्ती है। यह घटना तब सामने आई जब दो नाबालिग छात्रों के खिलाफ alleged harassment का वीडियो ऑनलाइन फूट पड़ा और जनआंदोलन को भड़काया।
रिपोर्ट्स के अनुसार, 19 सितंबर को दो छात्रों को कुछ पुरुषों के समूह ने रोक लिया था। इस घटना को किसी ने कैमरे में कैद किया और बाद में वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। इस कारण पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर पहचान प्रक्रिया शुरू की और पहले ही तीन संदिग्धों को हिरासत में ले लिया।
नए ऑपरेशन में मुठभेड़
अधिकारी कंदर (जमुई‑लखीसराय सीमा) के पास एक और छापेमारी के दौरान नंदन यादव को भागने की कोशिश के दौरान गोली लगी। उसकी टांग में चोट लगी और वह अस्पताल में भर्ती हो गया। उसी मुठभेड़ में एक अन्य संदिग्ध, हरराम यादव, को भी चोट लगी, लेकिन उनकी स्थिति अभी जांच के अधीन है।
जांच की प्रगति
जमुई के जिला मजिस्ट्रेट नवीन कुमार ने अस्पताल का दौरा किया, अधिकारियों से ताजा जानकारी ली और आगे की कार्रवाई की दिशा तय की। पुलिस ने बताया कि अभी भी कई संदिग्धों की तलाश जारी है और वे इस घटना के सभी पहलुओं को उजागर करने के लिए गहन जांच कर रहे हैं।
पुलिस और संस्थागत प्रतिक्रिया
- वीडियो के आधार पर विशेष जांच टीम (Special Investigation Team) गठित की गई।
- राष्ट्रीय महिला आयोग (National Commission for Women) ने इस मामले को स्वयं संज्ञान में लिया और त्वरित कार्रवाई की मांग की।
- पुलिस ने नाबालिग पीड़ितों की पहचान उजागर करने वाले सामग्री के प्रसार पर भी रोक लगाई है।
जांच अभी जारी है, और अधिकारी शेष संदिग्धों को पकड़ने तथा पूरी घटना क्रम को स्थापित करने के लिए सभी संभावित साधनों का उपयोग कर रहे हैं।


