Breaking News
हिमालय कॉलिंग 2025’ का देहरादून में शुभारंभ, राज्यपाल ने कहा – “हिमालय की रक्षा में ही मानवता का कल्याण
हिमालय बचाओ अभियान-2025- सीएम धामी ने पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वालों को किया सम्मानित
शिक्षा विभाग में 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर होगी शीघ्र भर्ती
क्या फेफड़ों की बीमारी का असर आंखों पर भी पड़ता है, आइये जानते हैं क्या कहते है स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भारतीय फुटबॉल टीम ने रचा इतिहास, पहली बार ओमान को हराया
केदारनाथ हेली सेवा हुई महंगी, इतना प्रतिशत बढ़ा किराया
बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला ‘बागी 4’ का जादू, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रुपये
सीबीएसई ने 10वीं-12वीं के प्राइवेट छात्रों के लिए शुरू किया पंजीकरण
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक उत्तराखंड में लगेगा स्वास्थ्य का महाकुंभ

उत्तराखण्ड को उच्च आय राज्य बनाने की दिशा में सार्थक पहल

विकसित उत्तराखण्ड विजन 2047 कार्यशाला का शुभारंभ

“विजनिंग अभ्यास सभी विभागों की प्राथमिकता होनी चाहिए” — मुख्य सचिव

देहरादून। मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन एवं सेतु आयोग के सीईओ शत्रुघ्न सिंह ने विकसित उत्तराखण्ड विजन 2047 कार्यशाला के उद्घाटन सत्र में प्रतिभाग किया। कार्यशाला को सम्बोधित करते हुए मुख्य सचिव आनन्द बर्द्धन ने कहा कि विजनिंग अभ्यास सभी सरकारी विभागों के लिए मुख्य प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि यह वर्तमान के लिए एक योजना नहीं है, बल्कि भविष्य की पीढ़ियों के लिए एक निवेश है। उन्होंने दीर्घकालिक नीति को आकार देने और लागू करने में सरकारी अधिकारियों की महत्त्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि सेतु आयोग, यूएनडीपी के साथ मिलकर इसके परिभाषित मापदंडों और मापने योग्य परिणामों को महत्त्वपूर्ण ढांचा प्रदान करेगा।

सेतु आयोग के सीईओ शत्रुघ्न सिंह ने एक व्यापक आर्थिक परिप्रेक्ष्य पेश किया। उन्होंने पूंजी निवेश, वैश्विक तकनीकी अपनाने और समावेशी विकास के महत्व पर प्रकाश डालते हुए इसे उत्तराखण्ड के निम्न-मध्यम आय वाले राज्य से उच्च आय वाले राज्य में परिवर्तन की कुंजी बताया।

इस अवसर पर सचिव नियोजन डॉ. श्रीधर बाबू अद्दांकी ने विजनिंग अभ्यास के दौरान प्रतिभागियों की चर्चाओं को मार्गदर्शन और प्रोत्साहित करने के लिए मुख्य क्षेत्रों में विभिन्न बेंचमार्क प्रस्तुत किए।

यूएनडीपी के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य वर्ष 2047 तक प्रदेश को विकसित करने के लिए क्रॉस-सेक्टोरल कार्य समूहों द्वारा चिन्हित 218 से अधिक “सिग्नल्स – उभरते संकेतक और रुझान“ को संरचना और प्राथमिकता निर्धारित करना था। ये सिग्नल्स जलवायु परिवर्तन, बुनियादी ढांचा विकास, अर्थव्यवस्था और रोजगार, स्थानीय स्व-शासन को सशक्त बनाने, वित्त, सुरक्षा, शांति और न्याय जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों को कवर करते हैं, जो एक व्यापक और दूरदर्शी दृष्टिकोण को दर्शाते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top