Breaking News
हिमालय कॉलिंग 2025’ का देहरादून में शुभारंभ, राज्यपाल ने कहा – “हिमालय की रक्षा में ही मानवता का कल्याण
हिमालय बचाओ अभियान-2025- सीएम धामी ने पर्यावरण संरक्षण में योगदान देने वालों को किया सम्मानित
शिक्षा विभाग में 2364 चतुर्थ श्रेणी पदों पर होगी शीघ्र भर्ती
क्या फेफड़ों की बीमारी का असर आंखों पर भी पड़ता है, आइये जानते हैं क्या कहते है स्वास्थ्य विशेषज्ञ
भारतीय फुटबॉल टीम ने रचा इतिहास, पहली बार ओमान को हराया
केदारनाथ हेली सेवा हुई महंगी, इतना प्रतिशत बढ़ा किराया
बॉक्स ऑफिस पर नहीं चला ‘बागी 4’ का जादू, चार दिन में कमाए इतने करोड़ रुपये
सीबीएसई ने 10वीं-12वीं के प्राइवेट छात्रों के लिए शुरू किया पंजीकरण
मुख्यमंत्री धामी के निर्देश पर 17 सितम्बर से 2 अक्टूबर तक उत्तराखंड में लगेगा स्वास्थ्य का महाकुंभ

चीन फ्रांस कनाडा समेत सभी देशों ने ट्रंप की धमकियों का दिया जवाब तो मोदी खामोश क्यों ? 

ट्रंप की धमकियों का जवाब क्यों नहीं दे रहे प्रधानमंत्री

देहरादून। अमेरिका लगातार जिस प्रकार से भारत का नाम लेकर भारत का अपमान कर रहे है यह हैरानी वाली बात है कि भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी इस अपमान जनक भाषा का जवाब क्यों नहीं दे रहे हैं। यह बात आज उत्तराखंड प्रदेश कांग्रेस कमेटी के वरिष्ठ उपाध्यक्ष सूर्यकांत धस्माना ने अपने कैंप कार्यालय में पत्रकारों से बातचीत में कही। धस्माना ने कहा कि विश्वगुरु होने का दावा करते नहीं थकते आरएसएस व भाजपा के नेताओं को देश के प्रधानमंत्री से सवाल करना चाहिए कि जब चीन फ्रांस और कैनेडा ने ट्रंप के असभ्य आचरण का जवाब उन्हीं की भाषा में दिया और चीन ने तो यहां तक कह दिया कि वह ट्रंप की धमकियों के आगे नहीं झुकेगा और अमरीका चाहे कैसा भी युद्ध करने चाहे ट्रेड वार या कैसा भी वार वो हर तरह के युद्ध के लिए तैयार है।

तो फिर विश्वगुरु भारत के प्रधानमंत्री खामोशी से अपमान क्यों सह रहे हैं वे बेशक ट्रंप को ट्रंप की भाषा में जवाब न दे पाए परन्तु उनको कुछ तो जवाब देना ही चाहिए।  धस्माना ने कहा कि अपने घर में शेर के बच्चों के साथ व दो मुन्हें सांप के साथ खेलने वाले हमारे बहादुर ५६ इंची सीने वाले विश्वगुरु प्रधानमंत्री की ट्रंप के द्वारा भारत के लिए असम्मान जनक टिप्पणियां और व्यवहार के सामने उनकी चुप्पी पूरे भारत वासियों को हैरान कर रही है। और देश चाहता है कि हमारे प्रधानमंत्री चाहे चीन फ्रांस कैनेडा के राष्ट्रध्यक्षों की तरह दो टूक जैसे को तैसा जवाब न दें किंतु उनको कुछ न कुछ जवाब देना चाहिए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top